प्रथम किरण
सूर्य की प्रथम किरण
हृदय अंतःस्थल की ओर,
आलोकित करने को उद्यत
तिमिरपूरित पोर-पोर,
है क्षमता उस किरण की
मन आनंदित होने की ओर,
सुनाई दिया वह कंपन
विद्युत झंकृत
चपला चंचल चहुँ ओर,
मन प्रसन्न हुआ जो था
अंधेरे के मानिंद खामोश,
जागी एक आशा जब
पहुँची किरण हृदय छोर,
मन आलोकित-तन आलोकित
पश्चात-पग-मध्याह्न-छोर।
सुखवीर सिंह
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