Saturday, 27 September 2014

तसव्वुर (TASAVVUR)-Imagination of Love


                    तसव्वुर



तेरे लबों का तबस्सुम तेरे चेहरे का सिंगार है,  
ख़ुदा भी इस मुखड़े  के दीदार को बेक़रार है

तेरे आने का तसव्वुर मचल जाता है ये दिल,
इस तिजारा ज़िन्दगी को मिल जाता क़रार है

दुनिया की निगाहें तुझे  खोजती  फिरती  हैं,
फिर भी  इस बात से मुझे क्या  सरोकार है

मैं  तो  तेरे  तसव्वुर में  ही  जी लेता  हूँ,
वरना तो मेरी खुशनुमा जिंदगी भी बेकार है

पहले का मरासिम तस्कीं  था  इस दिल को,
जब मिलें  तो  कहा कोई  और हमयार  है।

'सुखवीर' तसफ़ीया हो गया तू चल अपने रास्ते,
''तसव्वुर'' को तेरा नहीं किसी और का इंतजार है

3 comments:

  1. A telling take on romioes pathos.I guarantee everybody must have gone through such experiences... we all are suffering from ''tasavuur''. bhaiya please give some remedy also.I know you have the treatment!!!

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  2. 'सुखवीर' तसफ़ीया हो गया तू चल अपने रास्ते,
    ''तसव्वुर'' को तेरा नहीं किसी और का इंतजार है।

    अद्भुत, अतुल्य, अवर्णनीय...
    भैया आप तो छुपे रुस्तम निकले. छोटे भाई को बताया तक नहीं.

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    1. हौसला आफजाई के लिए शुक्रिया प्रिंस ...
      बाकी ऐसा नहीं है कि मैं छुपा रुस्तम हूँ ... बस ब्लॉग पर नहीं लिख पता हूँ ...

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